सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली के मंदिर में विराजमान हुईं मां नंदा देवी

थराली से हरेंद्र बिष्ट।

18 दिनों की यात्रा के बाद बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की उत्सव डोली आज मंगलवार को 19वें दिन विधि-विधान के साथ नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली के मंदिर में विराजमान हो गई हैं। इस मौके पर भारी संख्या में नंदा भक्तों ने नंदा की पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगीं। उत्सव डोली अगले 6 माह तक सिद्धपीठ देवराड़ा में विराजमान रहेगी।
बीते 14 अगस्त को घाट ब्लाक के नंदा सिद्धपीठ कुरूड से शुरू हुई नंदा देवी की लोक जाता यात्रा 25 अगस्त को वेदनी बुग्याल पहुंची थी जहां जात देवी पूजा के बाद उत्सव डोली लौट गई थी। देवाल एवं थराली ब्लाक के विभिन्न गांवों से आज मंगलवार को ढाखोली गांव से थराली नगर क्षेत्र से होते हुए दोपहर के भोजन के लिए भेटा गांव पहुंची। जहां पर थराली सहित आसपास के गांवों के लोगों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे यात्रा अपने छह माह के अंतिम पड़ाव सिद्धपीठ देवराड़ा गांव पहुंची। जहां पर नंदा भगवती के भक्तों ने मंदिर प्रांगण में नंदा की पूजा अर्चना करने के साथ ही मनौतियां भी मांगी।

इस दौरान कई महिला, पुरुषों पर नंदा सहित अन्य देवी देवता अवतरित भी हुए। इन देवी-देवताओं के पशुवाहों ने नाचते हुए उपस्थित भक्तों को आशीर्वाद स्वरूप जौ, चावल, फूल सहित अन्य चीजें दी। इसके बाद नंदा देवी की ऐतिहासिक उत्सव डोली को इस सिद्धपीठ के गर्भगृह में विराजमान करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद पंडितों के वेदोंच्चारण के बीच पारंपरिक तरीके से डोले को मंदिर में विराजमान करवाया गया। अगले 6 माह तक यही पर डोले की पूजा अर्चना संपन्न होती रहेगी।
इस दौरान कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष मंशाराम गौड़, देवराडा मंदिर समिति के अध्यक्ष भूवन हटवाल, कुरूड के पुजारी योगेश्वर गौड़, राजेश गौड़, बंशीधर गौड़, व्यापार संघ अध्यक्ष धनराज रावत, थराली नगर पंचायत अध्यक्ष दीपा भारती, पार्षद सीमा देवी, प्रताप गुसाईं, हरी गुसाईं, विरेन्द्र रावत, जगदीश पुरोहित, बंशीधर सती, केदार पंत, बंटी गुसाईं, अनुसुया प्रसाद पुरोहित, ममंद अध्यक्ष गौरी देवी, दिनेश देवराड़ी, अनूप भंडारी, नरेंद्र भारती, अब्बल सिंह गुसाईं सहित सैकड़ों नंदा भक्त मौजूद रहे।

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