भूल जायें लॉकडाउन 5.0, अब दौड़ेगा देश!

कल ‘मन की बात’ में मोदी करेंगे ऐलान

  • सिर्फ 13 शहरों तक रह सकता है सीमित, चरणबद्ध तरीके से खुल सकते हैं होटल और मॉल
  • पूरे देश में खुल जाएंगे ज्यादातर पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो के लिए करना होगा इंतजार
  • सरकार में हो रहा मंथन कि आगे ‘लॉकडाउन’ शब्द के इस्तेमाल से कैसे छुड़ायें पीछा
  • राज्यों को दिए जाएंगे पूरे अधिकार, अगर उन्हें जरूरी लगा तो कर सकते हैं सख्ती

नई दिल्ली। देशभर में लॉकडाउन 4.0 के बाद व्यवस्थाओं को लेकर मोदी सरकार एक नई गाइडलाइंस पर काम कर रही है। जिसके तहत माना जा रहा है कि 1 जून से देश के ज्यादातर हिस्सों से लॉकडाउन की पाबंदियां खत्म कर दी जाएंगी। इसकी जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि कोरोना महामारी की चपेट में टॉप 13 शहरों को छोड़कर बाकी सभी हिस्सों से पाबंदियों को हटाया जा सकता है। होटलों, मॉल और रेस्टोरंट को भी 1 जून से खोलने की इजाजत दी जा सकती है।
बीते गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने नई गाइडलाइंस को लेकर मंथन किया। 31 मई को अगले 15 दिनों के लिए देशभर में लागू किए जाने वाले दिशानिर्देशों को जारी किया जा सकता है।
इन 13 शहरों में लगी रहेंगी पाबंदियां : इन 13 शहरों- दिल्ली, मुंबई, चेन्नै, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता/हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टु और तिरुवलुर में पाबंदियों को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
चरणबद्ध ढंग से खोले जाएंगे होटल : होटल, मॉल, रेस्टोरेंट को 1 जून से खोलने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि होटलों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इस बारे में सरकार जल्द ही फैसला लेगी। फिलहाल देश में हॉस्पिटैलिटी सर्विस पूरी तरह बंद है। अभी सिर्फ वही होटल काम कर रहे हैं जहां कोरोना के खिलाफ जंग में डटे पुलिसकर्मी, अधिकारी और हेल्थकेयर वर्करों को रखा गया है।
इस बारे में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि यह भी मुमकिन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल रविवार को ‘मन की बात’ में लॉकडाउन के अगले चरण को लेकर कुछ बातें स्पष्ट करें। हालांकि इस पर अंतिम फैसला लिया जाना अभी बाकी है। एक अधिकारी ने बताया कि इस बात पर मंथन चल रहा है कि किस तरह अब आगे से लॉकडाउन जैसे शब्द के इस्तेमाल से बचा जाए। उन्होंने बताया कि राज्यों को पूरे अधिकार दिए जाएंगे कि अगर उन्हें जरूरी लगा तो सख्ती कर सकते हैं। शहरों के हालात के मद्देनजर राज्य यह फैसला लेने के लिए स्वतंत्र होंगे कि वहां दी गई ढील को वापस लेकर और ज्यादा सख्ती की जाए या नहीं। सूत्रों ने बताया कि 1 जून से ज्यादातर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के साथ शुरू किया जा सकता है लेकिन मेट्रो के संचालन को अभी इजाजत दिए जाने की संभावना कम है।

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