किसानों की दो टूक, कहा- अब और बातचीत नहीं, वापस लेने ही होंगे कृषि कानून

  • आंदोलन के 10वें दिन मोदी सरकार से चर्चा कर रहे किसानों ने आज शनिवार को भी खाया अपना ही खाना

दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन का आज 10वां और अहम दिन है। किसानों की सरकार से बातचीत जारी है। दिल्ली के विज्ञान भवन में चल रही मीटिंग में 40 किसान शामिल हैं। लंच ब्रेक में किसानों ने आज भी सरकारी खाना नहीं, बल्कि अपना लाया हुआ खाना खाया। इससे पहले गुरुवार की मीटिंग में भी किसान खाना साथ ले गए थे।
मोदी सरकार की तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश किसानों से बात कर रहे हैं। किसानों ने कहा है कि अब और बातचीत नहीं चाहते, बल्कि भरोसे और समाधान की जरूरत है। किसानों की मांग पर सरकार ने पिछली मीटिंग का पॉइंट वाइज जवाब लिखित में सौंप दिया है।

न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जारी रखने की लिखित गारंटी देने और कृषि बिलों के जिन प्रोविजंस पर किसानों को आपत्ति है, उनमें संशोधन करने को भी तैयार है। लेकिन, किसान तीनों कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। इससे पहले किसानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार अपने 4 मंत्रियों से चर्चा की। मोदी के घर 2 घंटे चली मीटिंग गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे।
किसान बोले- आज सिर्फ कानून रद्द करने की बात होगी : किसानों ने मीटिंग से पहले कहा कि सरकार बार-बार तारीख दे रही है। ऐसे में सभी संगठनों ने फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है। किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी। आज शनिवार को बैठक में कोई और बात नहीं होगी, सिर्फ कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी।

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