विधानसभा में उठा गर्भवती महिला की मौत का मुद्दा, विधायक ने उठाए सवाल, सस्पेंड हुआ डॉक्टर

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा सत्र का आज चौथा दिन है। विधानसभा में मंगलवार को पेश हुए पांच विधेयकों में से चार विधेयकों को बुधवार देर रात तक चली कार्यवाही के दौरान बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया। गुरुवार को विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत से प्रदेश में बदहाल होती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल पूछे गए। इस दौरान प्रतापनगर विधायक ने चौड़ लमगांव PHC में प्रसूता महिला की मौत का मामला उठाया। जिस पर जमकर हंगामा हुआ। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने प्रताप नगर PHC के डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

प्रताप नगर विधायक विक्रम नेगी ने हाल ही में टिहरी गढ़वाल की प्रताप नगर विधानसभा सीट में पड़ने वाले चौड़ लमगांव PHC में प्रसूता को उचित उपचार नहीं मिलने के बाद जिला अस्पताल रेफर करने और रास्ते में ही प्रसूता (जच्चा बच्चा) के दम तोड़ने पर सदन में सवाल पूछा। इस मामले ने सदन में तूल पकड़ा। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने इस प्रकरण पर खेद प्रकट किया।

उन्होंने कहा निश्चित तौर से इस प्रकरण के दौरान लापरवाही हुई है। उन्होंने बताया वहां पर तीन डॉक्टरों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उस दिन वहां पर कोई भी मौजूद नहीं था। जिसके कारण प्रसूता को सुविधा नहीं मिल पाई, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा इस प्रकरण में डॉक्टर को सस्पेंड करने की कार्रवाई सदन के बाद की जाएगी। सदन के बाद स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने प्रताप नगर PHC के डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

वहीं भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने प्रदेश में मौजूद सभी सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए चलाई जाने वाली गोल्डन कार्ड स्कीम पर सवाल किया। आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज न कर रहे अस्पतालों पर भी सवाल किया गया। जिसमें देहरादून सहित शहर के तमाम बड़े अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज न होने का सवाल भी सदन में पूछा गया। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने जवाब दिया। उन्होंने बताया जल्द इन सब पर कार्रवाई चल रही है, सभी अस्पतालों में आयुष्मान से इलाज हो इसका प्रयास किया जा रहा है।

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