सिक्किम में घुसपैठ करते चीनी सैनिकों को खदेड़ा, चीन के 20 सैनिक घायल

नई दिल्ली। भारत-चीन में तनाव के बीच दोनों देशों के सैनिकों में एक बार फिर झड़प हुई है। भारतीय सेना ने आज सोमवार को जारी बयान में कहा कि 20 जनवरी को सिक्किम के नाकु ला में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हुए थे। दोनों ओर के कमांडरों ने तय प्रोटोकॉल के मुताबिक विवाद सुलझा लिया।
सूत्रों के मुताबिक चीन ने एलएसी पर घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय जवानों ने रोका तो चीनी सैनिकों ने हाथापाई शुरू कर दी। भारतीय सेना ने इसका जवाब देते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया। झड़प में चीन के 20 सैनिक घायल हो गए। भारत के भी 4 जवान जख्मी हुए हैं। हालांकि, सेना ने किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी है।
गौरतलब है कि 8 जनवरी को चीन के एक सैनिक को भारतीय सीमा में घुसने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। घटना पूर्वी लद्दाख के पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की थी। भारत ने 2 दिन बाद चीनी सैनिक को लौटा दिया था। चीन ने सफाई दी थी कि उसका सैनिक गलती से भारतीय इलाके में चला गया। इससे पहले अक्टूबर में भी चीन के सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। अक्टूबर में डेमचोक सेक्टर में एक चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। 21 अक्टूबर को इसे चुशूल-मॉल्डो मीटिंग पॉइंट पर चीनी अफसरों को सौंप दिया गया था। वह दो दिन भारतीय सेना की हिरासत में रहा था।
चीन एक तरफ आर्मी और डिप्लोमेटिक लेवल पर बातचीत कर रहा है। दूसरी तरफ घुसपैठ की कोशिश से बाज नहीं आ रहा। पूर्वी लद्धाख में तनाव के बीच भारत-चीन की सेनाओं के बीच 9वें राउंड की बातचीत रविवार को मोल्दो में 15 घंटे चली। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में भारत ने कहा कि विवाद वाले इलाकों से सैनिक हटाने और तनाव कम करने के प्रोसेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब चीन पर है।
ऐसा कहने की वजह यह मानी जा रही है कि चीन बार-बार अपनी बात से पीछे हट जाता है। भारत-चीन के बीच पिछले साल अप्रैल से तनाव बना हुआ है। जून 2020 में गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन के भी 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे, हालांकि उसने कभी कबूल नहीं किया।

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