क्रिकेट की तरह सियासत के भी ‘कप्तान’ साबित हुए इमरान!

लाहौर। क्रिकेट की पिच पर कई बार कमाल दिखाने वाले इमरान खान किसी जमाने में पाकिस्तान के हीरो रहे हैं और दुनियाभर में उनके प्रशंसकों की कमी नहीं रही है। एक सप्ताह से चल रही उठापटक के बीच आज रविवार को सियासत के आखिरी ओवर में भी इमरान अप्रत्याशित रूप से अपनी सरकार को बचाने में कामयाब रहे।गठबंधन पार्टी के अलावा इमरान की अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के ही कुछ सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने आखिरी दम तक हार नहीं मानी और विदेशी साजिशों का हवाला देते हुए उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को आज रविवार को संसद में खारिज कर दिया गया और विपक्षी नेता टापते रह गये।क्रिकेट की दुनिया से राजनीति तक का सफर इमरान के लिए काफी दिलचस्प रहा है। इमरान खान का जन्म 25 नवंबर 1952 को लाहौर के जमां पार्क में हुआ था। इमरान खान चार बहनों के साथ बड़े हुए। पश्तून परिवार में जन्मे इमरान के परिवार में कई नामी क्रिकेट खिलाड़ी थे, जिनमें दो बड़े चचेरे भाई, जावेद बुर्की और माजिद खान पाकिस्तान की नेशनल क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके थे।इमरान ने पाकिस्तान और ब्रिटेन के बड़े स्कूलों में पढ़ाई की। इसमें वॉर्सेस्टर में रॉयल ग्रामर स्कूल और लाहौर में एचिसन कॉलेज शामिल थे। खान ने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलने की शुरुआत की थी। इमरान ने बर्मिंघम में 1971 की इंग्लिश सीरीज के दौरान 18 साल की उम्र में पाकिस्तान के लिए खेला। 1974 में इमरान खान ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे।इमरान क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान के पहले ऑल राउंडर हैं। 1987 में जब उन्होंने पाकिस्तान को भारत की जमीन पर पहली टेस्ट सीरीज जिताई, तब पाकिस्तान के डिक्टेटर जिया-उल-हक ने उन्हें पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) में शामिल होने को कहा। हालांकि इमरान ने ये ऑफर ठुकरा दिया।इमरान की ही कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में अपना पहला वर्ल्ड कप जीता। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अपने क्रिकेट करियर के दौरान खान ने 3,807 रन बनाए और 362 विकेट लिए।इमरान मैच की पहली बॉल पर भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर को आउट करने वाले कुछ गेंदबाजों में शामिल हैं। पाकिस्तान का प्रधानमंत्री चुने जाने पर उन्होंने गावस्कर को अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित भी किया था।1992 में वर्ल्ड कप जीतने पर इनाम में मिली जमीन पर इमरान ने कैंसर हॉस्पिटल बनवाया। 1994 में उन्होंने पाकिस्तान के लाहौर और मियांवाली में शौकत खानम कैंसर अस्पताल की शुरुआत की। इमरान ने इस अस्पताल को अपनी मां को समर्पित किया, जिनका कैंसर के चलते निधन हो गया था।इमरान ने 1996 में अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की स्थापना की। 22 साल तक राजनीति में संघर्ष करने के बाद 18 अगस्त 2018 को उन्होंने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।इमरान बानी गाला में अपने घर से इस्लामाबाद में अपने ऑफिस तक का करीब 15 किमी का सफर हेलीकॉप्टर से तय करते हैं। 2018 में इसे लेकर काफी बवाल भी मचा था। जानकारों की मानें तो उस वक्त हेलीकॉप्टर से 1 किमी का रास्ता तय करने पर 1500 से ज्यादा रुपए खर्च होते थे।इमरान की पहली पत्नी जेमिमा की लेडी डायना से काफी अच्छी दोस्ती थी। ब्रिटेन की प्रिंसेस डायना और इमरान खान की पहली पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ काफी अच्छे दोस्त थे। 1995 में डायना इमरान के रिश्तेदार डॉ. हसन खान के साथ रिलेशनशिप में भी आईं। इस दौरान उन्होंने कई बार पाकिस्तान का दौरा किया।1996 में इमरान के ‘रेसिस्ट’ वाले कमेंट के बाद बॉथम ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। इमरान के खिलाफ कोर्ट में ऐसे कई और मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मानहानि, उत्पीड़न, सरकारी सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करना, ड्रग्स लेना, अपनी बेटी की पहचान छुपाना जैसे कई मामले शामिल हैं।इमरान खान ने जेमिमा गोल्डस्मिथ से 1995 में पहला निकाह किया था। उनकी पहली पत्नी से उनके दो बेटे भी हैं, सुलेमान और कासिम। शादी के 9 साल बाद जेमिमा और इमरान का तलाक हो गया था। इमरान खान के दोनों बेटे उनकी पहली पत्नी जेमिमा के साथ लंदन में रहते हैं। इसके बाद एक इंटरव्यू में इमरान ने कहा था- जेमिमा ने पाकिस्तान के हिसाब से ढलने और इस शादी को बनाए रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन मैं ही राजनीति की वजह से उन्हें समय नहीं दे पाया।

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