‘कुत्ता पालूंगा जरूर’… पर ये कहा हाईकोर्ट ने!

  • उच्च न्यायालय ने कहा- कुत्ते को घर से नहीं निकालोगे, तभी मिलेगी जमानत,

चंडीगढ़। यहां एक मामले में उच्च न्यायालय ने जमानत के लिए अजीबोगरीब शर्त रखी है। हाईकोर्ट ने आरोपी के सामने शर्त रखी है कि यदि वह कुत्ते को घर से बाहर नहीं निकालेगा तो ही उसे जेल से बाहर आने की जमानत दी जाएगी। यदि कुत्ते को घर से बाहर निकाला गया तो शिकायतकर्ता जमानत रद्द करने की अर्जी दाखिल कर सकता है।
मामले के अनुसार याचिकाकर्ता झज्जर के बहादुरगढ़ निवासी नवीन का कुत्ते को गली में घुमाने को लेकर अपने पड़ोसी विकास से झगड़ा हो गया था। झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि नवीन ने गोली चला दी, जिसके चलते विकास और उसकी पत्नी घायल हो गए। विकास की शिकायत पर पुलिस ने नवीन, उसके भाई और पिता के खिलाफ हत्या के प्रयास, धमकी और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
शिकायतकर्ता विकास ने पुलिस को बताया कि नवीन के घर वालों द्वारा कुत्ते को गली में घुमाने और वहां मल करवाने पर आपत्ति दर्ज की थी। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई और आरोपी नवीन ने गोली चला दी। पुलिस ने आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। जमानत पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि दोषी कौन है, इसका फैसला ट्रायल के दौरान होगा लेकिन याचिकाकर्ता हिरासत में है और जांच पूरी हो गई है। ऐसे में याची को जमानत का लाभ दिया जा सकता है।
इसके लिए हाईकोर्ट ने तीन शर्तें रखी हैं। याची 15 दिन के भीतर विकास और उसकी पत्नी सुनीता को ड्राफ्ट के रूप में 50 हजार रुपये इलाज के लिए देगा। केस खत्म होने तक हथियार पुलिस के पास रहेगा। तीसरी और सबसे अलग शर्त यह रखी गई कि याची अपने कुत्ते को गली में घुमाने व वहां मल करवाने नहीं ले जाएगा।

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