‘मुंह में राम और बगल में छुरी’ जैसी बातें, बाहर से कुछ, अंदर से कुछ और हैं हरीश : त्रिवेंद्र

  • हरिद्वार के वीआईपी घाट पर ‘मौन साधना’ पर बैठे पूर्व सीएम हरीश रावत पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया कटाक्ष

हरिद्वार। आज गुरुवार को एक दिलचस्प वाकये में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व सीएम हरीश रावत आमने सामने हुए तो दोनों एक दूसरे पर तंज कसने से नहीं चूके। यहां वीआईपी घाट पर ‘मौन साधना’ पर बैठे हरीश रावत पर कटाक्ष करते हुए त्रिवेंद्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ‘साधना’ नहीं बल्कि प्रायश्चित करने आए हैं। हरीश रावत को मां गंगा माफ करे।    

आगामी कुंभ के कार्यों का निरीक्षण करने के बाद मुख्मयंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ‘मौन साधना’ पर बैठे हरीश रावत का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बात मुंह में राम और बगल में छुरी जैसी है। हरीश रावत बाहर से कुछ, अंदर से कुछ और हैं। सच तो यह है कि उन्होंने जो पाप किये, उनका प्रायश्चित करने वह हरिद्वार मां गंगा की शरण में आए हैं। त्रिवेंद्र ने कहा कि मां गंगा उनको माफ और क्षमा करे। हरीश रावत की जो लड़ाई है, उसे मां गंगा भी समझती है और वो भी बखूबी समझते हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने आज गुरुवार को हरिद्वार में कुंभ कार्यों का निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने हरकीपैड़ी पर मां गंगा की पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री के दौरे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी गंगा तट पर मौन साधना पर बैठ गए। इस तरह सीएम और पूर्व सीएम के ‘आमने-सामने’ आने से सियासी गलियारों में हलचल मचने के साथ ही पुलिस प्रशासन की नींद भी उड़ गई। हरीश रावत ने मोदी सरकार पर हरिद्वार कुंभ के लिए पर्याप्त बजट न देने का आरोप लगाया। ‘मौन साधना’ करते हुए हरिद्वार कुंभ के लिए उज्जैन और प्रयागराज की तर्ज पर बजट आवंटित करने की मांग की। उनकी ‘मौन साधना’ में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल रहे। 

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