श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड के पूर्व निदेशक द्वारा लाखों की धोखाधड़ी का मामला सामने आ रहा है। मामले में शिक्षा मंत्रालय के आदेश के बाद एनआईटी उत्तराखड़ की ओर से श्रीनगर कोतवाली में पूर्व निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में पौड़ी एसएसपी श्वेता चौबे ने एसएसआई संतोष पैथवाल को जांच सौंप दी है।

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला एलटीसी यानी अवकाश एवं यात्रा भत्ता अनियमितता से जुड़ा है। आरोप है कि साल 2013-14 में हवाई यात्रा के टिकटों में हेर फेर करते हुए बजट को ठिकाने लगाने का काम किया गया था। इस मामले की पूर्व में सीबीआई की ओर से जांच भी की जा चुकी है। जिसमें 5 लोगों को जांच के घेरे में लाया गया था और सीबीआई ने इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को भेज दी थी। अब मामले में मंत्रालय ने एनआईटी को मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

बता दें कि प्रो. एचटी थोराट महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले हैं। नवंबर 2011 में वो एनआईटी में निदेशक बने थे। साल 2016 में अक्टूबर में वो इस पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मामले में कोतवाली श्रीनगर के सीओ रवींद्र कुमार चमोली का कहना है कि एनआईटी श्रीनगर के कुलसचिव धर्मेंद्र त्रिपाठी की शिकायत पर पूर्व एनआईटी निदेशक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। जिसकी जांच एसएसआई संतोष पैथवाल को सौंपी गई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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