मूसलाधार बारिश ने पूरे उत्तराखंड में मचाई तबाही

  • जगह जगह भूस्खलन से पहाड़ में 300 से ज्यादा मार्ग बंद होने से बढ़ीं लोगों की मुश्किलें

देहरादून। चमोली में बुधवार रात हुई बारिश आज सुबह छह बजे थमी। यहां थराली में मसूलाधार बारिश होने से एक पुलिया बह गई और दो पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। कुरालु गांव में एक गोशाला भी क्षतिग्रस्त हुई है। मलबे में तीन पशु दब गए। वहीं एक भवन आंशिक रूप से ध्वस्त हुआ है।
बदरीनाथ हाईवे कई जगह मलबा आने से बंद हो गया है। हाईवे छीनका, क्षेत्रपाल, भनेरपानी, कालीमंदिर, टंगड़ी, पागलनाल, हेलंग और लामबगड़ में बंद है। नंदप्रयाग-कोठियालसैण सड़क भी बंद है। जिससे अलग-अलग धाम जा रहे करीब 125 यात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बड़कोट में यमुनोत्री घाटी में बादल छाए हुए हैं। यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। मार्ग पर आवाजाही बहाल करने के लिए लोनिवि के मजदूर लगे हुए हैं।
बीते दिनों की बारिश से प्रदेश में 311 मार्ग बाधित
पिछले दिनों भारी बारिश के कारण प्रदेश में चार राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 311 सड़कें बंद हो गई थीं। कई सड़कें ध्वस्त हो गई थीं। 212 सड़कें पहाड़ों से मलबा आने से बाधित हो गई थीं। दावा किया गया है कि मंगलवार तक इनमें से 99 सड़कों को खोल दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, सड़कों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। 
बदरीनाथ, यमुनोत्री, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग गौरी कुंड हाईवे पर कुछ स्थानों पर चट्टानें आ जाने के कारण बंद रहा। बीआरओ, लोनिवि और आलवेदर रोड परियोजना की कार्यदायी एजेंसियों की मदद से मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं। कुछ स्थानों पर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग खुलने की संभावना है।
बारिश के कारण नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला मोटर मार्गों के अलावा ग्रामीण सड़कों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं तो कई जगहों पर पुलों को भी क्षति पहुंची है।
अनुमान है कि इन सभी सड़कों व पुलों को पुरानी अवस्था में लाने के लिए 60 करोड़ से अधिक की धनराशि की आवश्यकता होगी। लोनिवि के विभागाध्यक्ष हरिओम शर्मा के मुताबिक, सड़कों को खोलने के लिए 310 मशीनों को तैनात किया गया है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here