दून : जंगल के पास ससुर को उतारा तो रातभर भटकते रहे, सुबह हुई मौत

  • आशा रोड़ी चेकपोस्ट बाइक पर ट्रिपल सवारी की कार्रवाई से बचने के चक्कर में दामाद ने बुजुर्ग को जंगल के रास्ते आगे मिलने की बात कही थी  

देहरादून। बाइक पर ट्रिपल सवारी की कार्रवाई से बचने के चक्कर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मंगलवार तड़के आशा रोड़ी चेकपोस्ट पर चेकिंग को देखते हुए दामाद ने बुजुर्ग ससुर को बाइक से उतार दिया और पैदल आगे मिलने की बात कही थी, लेकिन बुजुर्ग जंगल में रास्ता भटक गए। रातभर भटकने के बाद बुधवार सुबह मिले तो तबीयत खराब होने के कारण कुछ देर में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार पटेलनगर के लोहिया नगर निवासी तौहीद मंगलवार तड़के तीन बजे अपनी पत्नी और ससुर नसीम के साथ बाइक पर देहरादून से सहारनपुर जा रहे थे। आशा रोड़ी चौकी पर चेकिंग को देखते हुए उसने अपने ससुर नसीम को वन विभाग की चौकी से पहले उतार दिया और जंगल के रास्ते भेजकर चौकी से आगे मिलने को कहा। उसके बाद तौहीद पत्नी के साथ बाइक से आशा रोड़ी चौकी से आगे पहुंच गया। काफी देर इंतजार के बाद जब उनके ससुर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश शुरू की। इसके साथ ही पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ बुजुर्ग की तलाश में जंगल में कॉबिंग की। लेकिन, रात में उनका कहीं पता नहीं चला। डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि गुमशुदा नसीम के परिजनों ने बुधवार दोपहर बताया कि सुबह 10:30 बजे नसीम उन्हें जंगल में भटकते मिल गए थे। नसीम ने उनसे पीने के लिए पानी मांगा। कुछ समय बाद उनकी तबीयत खराब हुई और मौत हो गई। पुलिस ने शव को जांच के लिए भेज दिया। प्रथम दृष्टया बीमारी के चलते मौत होना प्रतीत हो रहा है।
जोशी ने बताया कि क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस किसी की दुश्मन नहीं है। यातायात नियमों का पालन कराने के पीछे मकसद आप सबकी सुरक्षा है। नियमों का पालन कर हादसों को टाला जा सकता है। लोग पुलिस से डरकर इस तरह का कोई कदम न उठाएं, जिससे इस तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

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