यूपीईएस देहरादून की छात्रा ने किया कमाल, जीमैट में हासिल की दुनिया में दूसरी रैंक!

होनहार बिरवान के होत चीकने पात

  • विश्व के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मैनेजमेंट टेस्ट जीमैट में शिवांगी ने रचा इतिहास
  • कैंब्रिज, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, येल, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी सहित देश के सभी आईआईएम में चयन
  • शिवांगी को 800 में से 798 अंक मिले, देश में पहली बार किसी परीक्षार्थी को मिले इतने अंक

देहरादून/भोपाल। यूपीईएस देहरादून की छात्रा शिवांगी गवांदे ने मैनेजमेंट टेस्ट के इतिहास में एक नया अध्याय रच दिया है। उन्होंने दुनिया में मैनेजमेंट के सबसे बड़े और सबसे कठिनतम टेस्ट ग्रेजुएट मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट यानी जीमैट में वर्ल्ड लेवल पर सेकंड रैंक और देश में फर्स्ट रैंक हासिल की है।
इंग्लैड द्वारा आयोजित इस टेस्ट में शिवांगी ने 800 में से 798 अंक हासिल किए। यह बड़ा रिकॉर्ड है, क्योंकि देश में अब तक किसी भी परीक्षार्थी ने इस परीक्षा में इतने अंक हासिल नहीं किए। बता दें कि इस साल 12 फरवरी को जीमैट हुआ था। इसके फर्स्ट स्टेज का रिजल्ट 27 मार्च और फाइनल रिजल्ट 23 अप्रैल को आया।
वर्ष 2018 में भोपाल के सेंट जोसेफ स्कूल से 12वीं की। फिर यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम (यूपीईएस) देहरादून से इसी साल बीबीए किया। इसमें भी वह यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं। यहां 9.89 सीजीपीए हासिल की। शिवांगी की इस सफलता पर यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम के शिक्षकों और विद्यार्थियों में खुशी की लहर है। जीमैट के रिजल्ट के बाद दुनिया भर के मैनेजमेंट के टॉप कॉलेज ने शिवांगी का स्क्रीनिंग टेस्ट लिया और ग्रुप डिस्कशन किया। इसके बाद कैंब्रिज, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, येल, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, लंदन बिजनेस ऑफ स्कूल और देश के सभी आईआईएम ने अपने यहां के एडमिशन सिलेक्शन लेटर भेजे हैं।
इन सभी यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज द्वारा लिए गए स्क्रीनिंग टेस्ट में भी शिवांगी ने सौ फीसद अंक हासिल किए हैं। इसका रिजल्ट 23 अगस्त को आया। शिवांगी के पिता महेंद्र गवांदे किसान हैं और खेती से जुड़ा व्यवसाय करते हैं। जबकि मां माधुरी आनंद विहार स्कूल में गणित की अध्यापिका हैं।
शिवांगी कहती हैं कि 10वीं पास करने के बाद मां ने कहा था इंजीनियरिंग मत करो, मैनेजमेंट की तरफ जाओ। इसलिए ग्यारहवीं क्लास में मैंने कॉमर्स लिया। रोजाना 8 या 10 घंटे पढ़ाई करती हूं। उनके पिता बताते हैं कि आठवीं से दसवीं तक शिवांगी के गले में कुछ तकलीफ थी। तीन साल तबीयत खराब रही, लेकिन उसने साहस और धैर्य से काम लिया। नारसि मुंजी यूनिवर्सिटी मुंबई यानी एनमैट टेस्ट में 360 में से 358 अंक लाकर देश भर में अव्वल स्थान पाया। जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट एक्सएलआरआई मुंबई, जमशेदपुर के टेस्ट में भी 98.9 फीसदी नंबर लेकर देश में टॉप किया। वर्ल्ड में सेकंड नंबर पर रहीं।

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