कंप्यूटरीकरण से सहकारी समितियों के कार्यों में आएगी पारदर्शिता : त्रिवेंद्र

  • मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में बहुद्देश्यीय साधन सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में बहुद्देश्यीय साधन सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगले छह माह में सभी सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो जायेगा। जिससे सहकारी समितियों के कार्यों में पारदर्शिता व तेजी आयेगी और किसानों को बहुत सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्तराखंड के लोग काफी संख्या में वापस आये हैं। कृषि एवं उससे सबंधित क्षेत्रों में राज्य एवं केन्द्र सरकार का विशेष ध्यान है। बहुद्देश्यीय साधन सहकारी समितियों में ऑनलाईन की प्रक्रिया से केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
इस बाबत मुख्यमंत्री ने नाबार्ड के अध्यक्ष जीआर चिंतला से भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निगमों का विस्तार किया गया गया है, लेकिन विस्तारित क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए बहुत सम्भावनाएं हैं और लोग कृषि कार्य कर रहे हैं। नाबार्ड द्वारा ऐसे क्षेत्रों में क्या योगदान दिया जा सकता है, इस पर जरूर विचार किया जाये। इससे ऐसे क्षेत्रों में कार्य करने वाले किसानों को बड़ा फायदा होगा। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। महिला समूहों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है। राज्य में महिला समूहों को 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। नाबार्ड की ओर से महिला समूहों को और बढ़ावा देने के लिए सहयोग की आवश्यकता होगी। लघु एवं सीमांत कृषकों को भी ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि फसली ऋण के लिए अभी राज्य को नाबार्ड से 500 करोड़ का लोन मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा कृषकों को फायदा पहुंचाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य को नाबार्ड से लगभग एक हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। राज्य में 670 बहुद्देश्यीय साधन सहकारी समितियां हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
नाबार्ड के अध्यक्ष जीआर चिंतला ने कहा कि  राज्य को हर सम्भव मदद की जायेगी। कोविड के दौर में एग्रीकल्चर सेक्टर और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना जरूरी है। फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन पर नाबार्ड ने विशेष ध्यान दिया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता को अधिक  बढ़ावा देना जरूरी है। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कार्य किया गया है। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में अच्छा प्रयास है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक लि. के अध्यक्ष दान सिंह रावत, मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, सचिव सहकारिता आर. मीनाक्षी सुंदरम,  निबंधक बाल मंयक मिश्रा, अपर निबंधक आनन्द शुक्ला, ईरा उप्रेती आदि उपस्थित थे।

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