इस योजना के तहत 10 हजार लोगों को देंगे रोजगार : त्रिवेंद्र

बोले मुख्यमंत्री

  • जल्द शुरू की जायेगी सीएम सोलर स्वरोजगार, मोटर, बाईक और टैक्सी योजना
  • पाईन निडिल से बिजली पैदा करने एवं चारकोल पैदा करने के अच्छे प्रोजक्ट
  • कोरोना योद्धाओं के लिए बनाये गये ‘चिकित्सा सेतु’ मोबाईल एप को किया लांच
  • देरी से बचने को दूरस्थ क्षेत्रों से हेलीकॉप्टर से भी भेजे जाए टेस्टिंग लैब में सैंपल

देहरादून। ‘कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधन बढ़ाये जाये। टेस्टिंग और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। दूरस्थ क्षेत्रों से टेस्टिंग लैब में सैंपल भेजने में देरी हो रही है, हेलीकॉप्टर से भी भेज सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जाये कि टेस्टिंग में देरी न हो। सर्विलांस सिस्टम मजबूत किया जाये।’ ये बाते मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज शनिवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से निर्देश देते हुए कहीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कोरोना योद्धाओं के लिए बनाये गये ‘चिकित्सा सेतु’ मोबाईल एप लांच किया। इस मोबाईल एप्प को डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, सुरक्षा कर्मी पुलिस तथा कोरोना ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इस अवसर पर होम आइसोलेशन पर बनाये गये एप आरोग्य रक्षक के बारे में प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड के कारण काफी लोग बेरोजगार हुए हैं। राज्य में बेरोजगारों के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं की लोगों को पूरी जानकारी हो इसका जनपद स्तर पर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। जिलाधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं को जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचायें। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाये। सीएम सोलर स्वरोजगार योजना जल्द शुरू की जायेगी। 10 हजार लोगों को इस योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। मोटर, बाईक, टैक्सी योजना भी राज्य में जल्द शुरू की जायेगी। पाईन निडिल पॉलिसी में पाईन निडिल से बिजली पैदा करने एवं चारकोल पैदा करने के अच्छे प्रोजक्ट हैं, इनके बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाये। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलाधिकारी बैंकर्स के साथ बैठकर सुनियोजित योजना बनाये। जल्द ही राज्य स्तर पर बैंकर्स के साथ बैठक की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड का प्रभाव कब तक रहता है, इसकी कोई निश्चित समयावधि नहीं है। उत्तराखण्ड के जो लोग बाहर के राज्यों से आये हैं, उनमें से अधिकांश लोग प्रदेश में ही काम करना चाहेंगे। हमें रोजगार एवं स्वरोजगार के विकल्प तलाशने होंगे। लोगों को काम मिले इसके लिए जिला योजना एवं राज्य सेक्टर में फण्ड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को भी उपनल के माध्यम से सेवायोजित करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि लोगों के फोन कॉल अवश्य रिसीव करें। किसी कार्य या मीटिंग में व्यस्त होने पर भी लोगों को इसकी जानकारी दे दें और उसके बाद उन्हें वापस कॉल करें। यह सुनिश्चित किया जाये कि लोगों को फोन कॉल्स का रिस्पांस मिले।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू से बचाव के लिए नियमित जागरूकता के साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। किसी भी स्थान या लोगों के घरों में साफ पानी जमा न हो इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाये।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कोरोना को कम्यूनिटी स्प्रेड से रोकना जरूरी है। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर एवं नैनीताल जनपद में विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी नैनीताल ने जो जीआईएस मैपिंग बेस्ड सॉफ्टवेयर तैयार किया है, यह सॉफ्टवेयर बहुत उपयोगी है। एनआईसी द्वारा इस सॉफ्टवेयर को परिष्कृत किया जाये। चारों मैदानी जनपदों में जल्द इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाय। कन्टनमेंट जोन बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। बाहरी राज्यों से जो लोग उत्तराखण्ड आ रहे हैं, उनके आने के कारणों के लिए कागजों की पूरी छानबीन की जाये। बाहर से आने वालों की प्रोपर चैंकिंग की जाये। कोविड पर नियंत्रण एवं जागरूकता के लिए जिलाधिकारी जनप्रतिनियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करें कि यदि किसी को कोविड के कोई लक्षण दिखे या कोई समस्या हो रही हो तो वे तुरंत जिला प्रशासन एवं हैल्पलाईन नम्बर पर सूचित कर दें। ताकि उनकी सही तरीके से मॉनेटरिंग हो सके। तथ्यों को छुपाने एवं गलत सूचना देने वालों पर कठोर कार्यवाही की जाये। होम आईसोलेशन का कड़ाई से पालन हो। होम आइसोलेशन की गाईडलाईन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाये। होम आईसोलेशन के नियमों उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाये।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि हाई रिस्क क्षेत्र से आने वाले लोगों, प्रवासियों, को-मॉर्बिड की शत प्रतिशत सैंपलिंग की जाये। सर्विलांस की एक्टिविटी पर गंभीरता से ध्यान दिया जाये। आईसीयू, आक्सीजन सपोर्ट बैड एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की पूर्ण उपलब्धता रखी जाये। जिलाधिकारी कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल भी चिन्हित कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन अस्पतालों में टेंस्टिंग की जा सके और लोगों का ईलाज हो। प्रत्येक जनपद में एक ऐसा सेंटर बनाया जाय जहां पर हाई रिस्क क्षेत्र एवं बाहर से आने वालों की सैंपलिंग हो सके। कोविड केयर सेंटर में खाने, रहने एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। पेशेंट को हॉस्पिटल लाने के लिए एम्बुलेंस एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, एसए मुरूगेशन, डीजी स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, आईजी संजय गुंज्याल, वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, कमिश्नर कुमाउं अरविन्द सिंह ह्यांकी, सभी जिलाधिकारी एवं सीएमओ उपस्थित थे।

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