दो टन का घंटा बढ़ाएगा राम मंदिर की शोभा

  • यूपी के जलेसर में बन रहा है घंटा
  • 25 कारीगर कर रहे हैं घंटे का निर्माण

अयोध्या। अयोध्या में बन रहा मंदिर जहां अपने आप विशिष्ट होगा वहीं इस ऐतिहासिक मंदिर की शान एक ऐसा घंटा बनेगा जो अब तक किसी भी मंदिर में नहीं है। यहां मुख्यद्वार पर 2.1 टन यानि 2100 किलो का घंटा मंदिर का आकर्षण बनेगा। इस घंटे का निर्माण जलेसर में हो रहा है।
पिछले 30 साल विभिन्न प्रकार के घंटे और घंटियां बना रहे दाउ दयाल इसका निर्माण कर रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने और उनकी टीम ने अयोध्या के राम मंदिर के लिए 2100 किलोग्राम के वजन का घण्टा बनाकर उत्तर प्रदेश के जलेसर नगर में हर किसी को चौंका दिया है।
जिस व्यक्ति ने इसका डि़जाइन तैयार किया है वह एक मुस्लिम कारीगर है और उनका नाम इकबाल मिस्त्री है। दाउ दयाल ने रविवार को बताया कि‚ ‘हमारे मुस्लिम भाइयों को डि़जाइनिंग‚ घिसाई और पॉलिशिंग में विशेषज्ञता हासिल है।’ चार पीढियों के घंटी निर्माता‚ ५० वर्षीय दयाल और मिस्त्री ने कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने इस आकार के घण्टे पर काम किया है। ‘जब आप इस आकार के घंटे पर काम करते हैं तो मुश्किलों का स्तर कई गुणा अधिक बढ़ता है। यह सुनिश्चित करना बहुत कठिन है कि महीने भर चलने वाली प्रक्रिया में एक भी गलती नहीं हो। उन्होंने कहा‚ ‘हमारे लिए उत्साहित करने वाली बात यह है कि हम इसे राम मंदिर के लिए बना रहे हैं‚ लेकिन विफल होने का ड़र कहीं न कहीं हमारे दिमाग में था।’ मिस्त्री के मुताबिक ऐसे कार्यों में सफलता की किसी भी तरह की गारंटी नहीं होती है। अगर सांचे में पिघले धातु को ड़ालने में पांच सेकेंड़ की भी देरी हो जाती है तो पूरी कोशिश बेकार हो जाती है। अपनी उपलब्धि पर खुशी मनाते हुए ५६ वर्षीय इकबाल मिस्त्री ने कहा‚ ‘इसकी सबसे अनोखी बात है कि यह ऊपर से नीचे तक एकसार है।
इसमें कई टुकड़़े साथ नहीं जोड़़े गए हैं। यह काम बहुत मुश्किल था।’ देश की ‘सबसे बड़़ी घंटियों में से एक’ को बनाने के लिए २५ कारीगरों की एक टीम जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों थे‚ एक महीने तक प्रतिदिन आठ घंटे काम किया। इससे पहले दयाल ने 101 किलोग्राम वजन का घण्टा बनाया था जिसका उपयोग केदारनाथ मंदिर में किया गया। एटा जिले में जलेसर नगर परिषद के प्रमुख एवं घण्टा बनाने वाले कार्यशाला के मालिक विकास मित्तल ने कहा‚ ‘यह वस्तु‚ जो भारत का सबसे बड़़ा घण्टा है‚ उसे राम मंदिर को दान दिया जाएगा।’ मित्तल परिवार को 2100 किलोग्राम का घण्टा तैयार करने का ऑर्ड़र राम मंदिर मामले में पिछले साल नवंबर में आए फैसले के तुरंत बाद निर्मोही अखाड़़ा से मिला था जो अयोध्या विवाद में एक वादी था। ॥ अष्टधातु से लैस किया गया घण्टाः यह घण्टा न सिर्फ पीतल से बना है बल्कि ‘अष्टधातु’ यानि आठ धातुओं सोना‚ चांदी‚ तांबा‚ जिंक‚ सीसा‚ टिन‚ लोहे और पारे के मिश्रण से बना है॥। देश की सबसे बड़़ी घंटियों में से एक है यह घंटा॥ घंटा बनाने में लगे थे २५ कारीगर॥ हिंदू और मुस्लिम कारीगरों ने मिलकर बनाया घंटा॥

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