उत्तराखंड : चाबी घोंपने के बाद हरकत में आया पीएचक्यू

  • बदले जाएंगे तीन साल पुराने सीपीयू कर्मी, अब रोटेशन प्रक्रिया होगी लागू 
  • रुद्रपुर की घटना के चलते पुलिस मुख्यालय ने लिया त्वरित फैसला 

देहरादून। रुद्रपुर की घटना के बाद सीपीयू के मामले में पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख दिखाते हुए यूनिट में तीन साल से अधिक समय से तैनात सभी पुलिसकर्मी बदलने की घोषणा की है। इसके बाद अब सीपीयू में रोटेशन व्यवस्था से ड्यूटी लगाई जाएगी। ताकि कोई भी पुलिसकर्मी एक जगह पर अधिक समय तक न रह सके। इसके साथ ही रुद्रपुर की घटना में आरोपी एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 
गौरतलब है कि शहरों की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वर्ष 2014 में सीपीयू का गठन किया गया था, लेकिन इसके बाद से ही सीपीयू पहले देहरादून में विवादों से घिरी रही। इसके बाद हरिद्वार और फिर जहां भी इसकी तैनाती हुई, वहां इसका विवादों से नाता नहीं टूटा। अब रुद्रपुर के मामले को लेकर हर कोई स्तब्ध है।
युवक के माथे में घुसी चाभी आरोपी पुलिसकर्मियों की बर्बरता की ओर भी इशारा कर रही है। हालांकि पुलिस इसे तेज रफ्तार बाइक के कारण हुआ हादसे से जोड़कर बता रही है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार के आदेश पर कार्रवाई की गई है। साथ ही साथ अब सीपीयू में तैनाती को लेकर नए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
डीजी कानून व्यवस्था ने बताया कि सीपीयू में किसी भी पुलिसकर्मी का कार्यकाल तीन वर्ष का तय किया गया था। इसे बढ़ाकर पांच वर्ष तक किया जा सकता है। इस बीच यह भी कहा जाता है कि लंबे समय एक जगह ड्यूटी करने से पुलिसकर्मियों के बीच गुस्सा और हताशा बढ़ जाती है। ऐसे में अब इस फोर्स में रोटेशन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत तीन साल या इससे अधिक की ड्यूटी कर चुके कर्मचारी की जगह दूसरे कर्मचारी को तैनात किया जाएगा। पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। 
डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा है कि हमने तीनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है। इसके साथ ही अब रोटेशन व्यवस्था सीपीयू में लागू की गई है। तैनाती अवधि तीन वर्ष है, जिसे बढ़ाकर पांच साल किया जा सकता है, लेकिन इसमें न्यूनतम को ही लागू किया जाएगा।

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